Rashtriya Swayamsevak Sangh - A Peerless Organization In The World (English)

The Rashtriya Swayamsevak Sangh was founded in the year 1925. The seed that Dr. Keshav Baliram Hedgewar sowed ninety years back, has now grown into a huge Banyan tree – A Vatavriksha of immense expanse and stature. So, just how many branches and how many leaves this vast Vatavriksha might have, is not in the least easy to keep count of. The fact remains all the same, that this organization stands erect – tall and competent, its roots embedded very deep in the Bharatiya mind and mindset; and is developing at the pace and on the lines of the Vatavriksha – an expansive Banyan tree indeed. Not limiting itself to this country, the Sangh is active in every such country, that the Bharatiya finds himself in. The Rashtriya Swayamsevak Sangh is in fact, not merely an organization, it has become a tradition, a tradition that bonds firm, the Bharatiya living abroad, with his motherland, with his culture.

300

Shree Mahadurgeshwar Prapatti Pustika Marathi (set of 10)

Shree Mahadurgeshwar Prapatti Pustika Marathi – Print Copy (set of 10)

100

Shree Mahadurgeshwar Prapatti Pustika Hindi (set of 10)

Shree Mahadurgeshwar Prapatti Pustika Hindi – Print Copy (set of 10)

100

Shree Gurukshetra Mantra - Marathi Audio CD

॥ हरि ॐ॥
।।ॐ श्रीदत्तगुरवे नम:॥
श्रीगुरुक्षेत्र-बीजमन्त्र
ॐ ऐं र्हीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै – सर्वाबाधाप्रशमनं-श्रीगुरुक्षेत्रम्।
ॐ ऐं र्हीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै – सर्वपापप्रशमनं-श्रीगुरुक्षेत्रम्।
ॐ ऐं र्हीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै – सर्वकोपप्रशमनं- श्रीगुरुक्षेत्रम्।
ॐ ऐं र्हीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै – त्रिविक्रमनियलं- श्रीगुरुक्षेत्रम्।
ॐ ऐं र्हीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै – सर्वसमर्थं सर्वार्थसमर्थं-श्रीगुरुक्षेत्रम्।।

श्रीगुरुक्षेत्र-अंकुरमन्त्र
ॐ रामात्मा-श्रीदत्तात्रेयाय नम:।
ॐ रामप्राण-श्रीहनुमन्ताय नम:।
ॐ रामवरदायिनी-श्रीमहिषासुरमर्दिन्यै नम:।
ॐ रामनामतनु-श्रीअनिरुद्धाय नम:।।

श्रीगुरुक्षेत्र-उन्मीलन मन्त्र(कलिकापुष्पफलमन्त्र)
ॐ मानवजीवात्मा-उद्धारक-श्रीरामचन्द्राय नम:।
ॐ मानवप्राणरक्षक – श्रीहनुमन्ताय नम:।
ॐ मानववरदायिनी – श्रीआह्लादिन्यै नम:।
ॐ मानवमन:सामर्थ्यदाता-श्रीअनिरुद्धाय नम:॥

35

Pipasa Audio CD (Marathi) Part 1

१) बापू भेटला ज्या क्षणी २) सामोरी बैसला कैसा ३) मनाची ही वृत्ती ४) तुझ्यासाठी बापू ५) सावळ्या रे घननीळा ६) होऊनी बेभान ७) नारळीचे झाडाखाली ८) शबरीची उष्टी बोरे

150

Pipasa Pasarli Audio CD (Marathi)

१) ॐकार व्यापका अनिरुद्ध नाथा २) राम कृष्ण एक ३) नाम घ्यावे म्हणूनी ४) योग्यायोग्य जैसा असे बापू पायी ५) सख्या अनिरुद्ध प्रेमळा ६) प्राब्धाचे बीज ७) हसला माझा देव ८) कृष्ण उगाळीतो चंदन

150

Ganpati Aarti - Marathi Audio CD

१) उभे राहूनी सर्व आता आरती करुया
२) त्रिगुणात्मक त्रैमुर्ती
३) सुखकर्ता दु:खहर्ता
४) हे राजा राम तेरी आरती उतारूं
५) आरती करितो हनुमंताची
६) आरती साईबाबा
७) लवथवती विक्राळा
८) कर्पूरगौरा गौरीशंकरा आरती
९) जय जय जय मयूरेश्र्वरा पंचारती ओवाळू हरा
१०) युगे अठ्ठावीस
११) दुर्गे दुर्घट भारी
१२) येई हो विठठले माज़े

40

Aniruddha Sahastranaam - Marathi Audio CD

१) श्रीअनिरुद्धसहस्त्रनाम स्तोत्र
२) श्री अनिरुद्ध महिम्नस्तोत्र
३) बापू बोल बार बार
४) श्रीगुरुचरणवंदना
५) आरती- ओम जय अनिरुद्ध प्रभो

75

Textbook of Disaster Management (English)

Going by the increasing trend of disasters happening around us be its natural or manmade, it would, in due course of time, become incumbent upon every citizen of this country to be aware of how to respond to and handle disasters. This textbook facilitates this.

250

Shreeramrasayan (English)

No part of this publication may be reproduced or transmitted in any form or by any means graphic, electronic, mechanical, photocopying, recording, scanning or otherwise or stored in any retrieval system of any nature without the written permission of the Publishers. Breach of this condition is liable for legal action. Application for permission to use the copyright material or any part thereof including permission to reproduce extracts in other published works, shall be made to the Publishers. Full acknowledgment of the author, the Publishers and the source is required to be submitted.

300

Krupasindhu Gujarati Print Copy (Bi-Monthly - Yearly 6 Issues)

’કૃપા’ એટલે આશિર્વાદ અને ’સિંધુ’ એટલે સાગર આ સાગર એટલે જળથી ભરેલો સાગર નહીં પરંતુ આ એ અનાદીઅનંતનો છે જેમનું અસ્તિત્વ વિશ્વ નિર્માણની પહેલા પણ હતું પ્રલય થયા પછી પણ રહેશે. તેથી જ આ સાગર અનંત છે. આ ’પરમાત્મા’, ’સદગુરુ’ છે.

160

Matruvatsalya Upanishad (Hindi)

श्रद्धावानों के फलस्वरूप, उनके जीवन को उचित दिशा प्रदान करने की तीव्र उत्कंठा के फलस्वरूप सदगुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने हमें आदिमाता की प्रेमकॄपा का आश्वासन दिया। मां चण्डिका की क्षमा, रक्षण अर्थात आधार, वे इस ग्रंथ के माध्याम से हम तक पहुंचा रहे हैं। श्रद्धावानों के मन मे उठनेवाले सभी प्रश्नों को, भय को दूर करके भक्ती और सामर्थ्य को दृढ करनेवाला यह सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ है। ऐसा हितकारक बदलाव लानेवाला यह ग्रंथ सिर्फ दिशादर्शक ही नहीं है बल्कि, चण्डिकाकुल की कृपा के फलस्वरूप, इस दिशा में प्रवास करनेवालों को ताकत भी प्रदान करता है। मां चण्डिका की ओर ले जानेवाला मार्ग सदैव खुला रहता है, द्वार खुला रहता है इसका आभास करवानेवाला यह ग्रंथ हमारे अंदर मे अनेको बंद दरवाजो को आसानी से खोल देता है, हमारे मन की अनेक बाधाओं की आसानी से दूर करता है और इस मां की कृपा के खुले मार्ग पर ले आता है। जब ऐसा होता है तब ही मां के नजदीक ले जानेवाले खुले द्वार का आभास होता है और यह कार्य यह ग्रंथ अर्थात सदगुरु की उत्कंठा के शब्द निश्चित रुप से संम्पन्न करता है।

300

Shree Shabda Dhyanyog - Marathi (set of 5)

Shree Shabda Dhyanyog – Marathi – Print Copy (set of 5)

175

Matruvatsalyavindanam (Hindi)

यह परमपावन कार्य, जैसे इसका नाम दर्शाता है, माँ चंडिका के वात्सल्य का प्रत्यक्षीकरण है। सगुरु श्री अनिरुद्ध रचित यह कार्य भक्तों को केवल महिषासुरमर्दिनी माता चंडिका के आदर्श, कार्य और भूमिका से ही जोड़ने के लिए नहीं है, बल्कि उसके वात्सल्य से और उसकी हमारी संरक्षा के प्रति तत्परता से हमें अवगत कराना है।
वे चाहते हैं कि हम माता के प्रेम को जानें और उस शक्ति को पहचाने – वह शक्ति जो दुष्टता या बुराई से लड़ने की है, वह शक्ति जो नैतिक गुण और भक्ति के परिणामों से निश्चल आनंद की प्राप्ति कराती है। वह भले ही उग्र दिखती हो, वही सच्ची भक्त की सुरक्षा करती है और दुष्टों का नाश करती है। उस ने अपने उद्देश्य के मुताबिक – सच्चाई, पवित्रता, प्रेम और आनंद के नियमों की सुरक्षा हेतु यह भूमिका अपनाई है और वह इसकी प्राप्ति करती ही है।
गायत्री माता, महिषासुरमर्दिनी चंडिका माता और अनसूया माता एक ही है। विभिन्न स्तर के कार्यों के अनुसार माता रूप धारण करती है। जैसा कि सद्गुरु श्री अनिरुद्ध कहते हैं, यह कार्य माता की कीर्तियों का गुणसंकीर्तन है। यह एक ‘ज्ञान-गंगा’ है, और ‘भक्ति-भागीरथी’ है। यह कार्य ज्ञान एवं भक्ति के पथ पर चलकर भगवंत या यहाँ पर माता चंडिका के बोध के प्रति संतोष प्रदान करता है।
यह चिरकाल तक मार्गदर्शन करनेवाला यह ग्रन्थ सद्गुरु श्री अनिरुद्ध जी द्वारा लिखे गए उन के अन्य कार्यों की तरह भक्तों को प्रेम और आधार देता है।

300

Mi Pahilela Bapu (Hindi)

डॉ. अनिरुद्ध जोशीजी (बापूजी) के हरफनमौला व्यक्तित्व की पहचान करानेवाली, संक्षिप्त में संकलित की गई एक अनोखी पुस्तक – मैंने देखे हुए बापू।

250

Garda Sabhowati - गर्द सभोवती (Marathi)

हे पुस्तक संवेदनशील मनाचं व्यक्तीचं प्रतिबिंब आहे. आजूबाजूच्या दुलर्क्षित केलेल्या घटनांकडे बघून… त्यांचा अंदाज बांधून त्यावर लेखिका आशाताई वाबगावकर यांनी स्वत:चे विचार व्यक्त केले आहेत. अनेक गोष्टींना वेगळ्या नजरेने….वेगळया दृष्टिकोनातून पाहण्याचा अंदाज हा आपल्याला स्पर्शून जातो. एखाद्या गायकाने रागांमधून सुरांचं मंथन आपल्यासमोर पेश करावं त्या अनुभवांच्या संगीताचे राग आळवत त्यांनी आपल्या जगण्याचं मंथन आपल्यासमोर मांडलं आहे अन्‌ हे लिखाण त्यांच्या नावाप्रमाणेच आशादायी आहे, प्रफुल्लित करणारं आहे.

350

Vaini Mhane - Marathi Audio CD

१) विश्वावरचे पाऊल
२) पहिले दिवशी साईरुप
३) पाऊस पडला चिखल झाला
४) जे आले ते तरुनी गेले
५) माझ्या मनाची आरती
६) आरती करी प्राणज्योती
७) थकले रे बापू
८) देह झाला पंढरपूर
९) मेघ:शाम रंग लावूनी आला
१०)मला भेटण्या आला बापू
११)मना या कैसे आवरु
१२) वानर मज करावे देवा
१३) पंथ दावते मीनाताई

75

Tum Bin Kaun Sahara - Hindi Audio CD

१) जप जप जप मेरे
२) मेरे बापू तेरी दुआए
३) मुझे तेरे नाम का
४) नंदा स्वामिन की जय
५) अनिरुद्ध तेरी दुनियामे
६) होले होले भगत
७) दुआ कर ए मेरे दिल
८) फरियाद सुनले बापू
९) बापू बापू बोल
१०) बापू को अपना बनाले
११) याद करो याद करो
१२) बापू मेरे जीवन में
१३)अनिरुद्ध ह्र्दय से उठकर
१४) जिस पथ पर कभी न भय
१५) अनिरुद्ध का है एक नारा
१६) तुम बिन कौन सहारा
१७) सब सौंप दिया है

75

Sadguru Upasana - Kannada Audio CD

“1. Jap – Om Dram Dattatreyay Namah
2. Jap – Om Manasamarthyadata Shree Aniruddhay Namah
3. Dhyanmantra
4. Kleshnivaraka Shree Aniruddha Kavach
5. Shree Ramaraksha
6. Shree Hanuman Chalisa
7. Ghorkashotodharan Stotra
8. Aarti”

30

Runadnyapak Stotra - Marathi Audio CD

१. सद्‌गुरु श्री अनिरुध्द ऋणज्ञापक स्तोत्र
२. अनिरुध्द योग – ॐ नमो अनिरुद्धनाथा
३. आरती – येई वो अनिरुध्दा
४. अभंग – आम्ही राहतो भक्तघरी

75

Pipasa Audio CD (Marathi) Part 2

१) नाम घेता उरापोटी ब्रम्ह धरीते आकृती २) अनिरुद्धाच्या चरणस्पर्शे ३) तुझ्या चरणांची धूळ ४) शामल सुंदर हृदयी पळभर ५) मज जवळ घे रे ६) करितो आम्ही इतुकी सेवा ७) चल चल जाऊ नारदाच्या गावा ८) युगे युगे मी मार्ग चाललो

150

Nahu Tuziya Preme - Audio CD

On the 26th of May, 2013, mega event was organized, a grand evening in the world of devotion and devotional music, in which selected abhangas right from the first cassette Bol Bol Vaache, Ailtiri Pailtiri, Pipasa 1 & 2, Pipasa Pasarli, Vahini Mhane, Bapu Thy Grace till Kaay Goad Guruchi Shaala, was sung live. The Audio CD of the same is now available.

100

Gajatiya Dhol - Marathi Audio CD

१) धन्य धन्य बापू सत्वगुणी
२) जन्म अर्धा सरला ग सरला
३) अनिरुद्ध माज़ा धावे भक्तिला
४) जाऊ कशी कशी मी जुईगावला
५) भारुड
६) बापू भेटीची ओढ मला लागली
७) दार उघड बापू दार उघड
८) सांज वेळच्या र वार्या
९) माज़ा बापू पळपुट्या
१०) बापू माज़ा दिसला गं
११) गाजतया ढोल नी वाजतीया टाळ
१२) निजरुपाला दावी देवा
१३) माझ्या ज्ञानाचे नगर

75

Ailtiri Me Pailtiri Tu - Marathi Audio CD

भाग १

१) वो बापू येई वो
२) हरीवरा तू सांग कैसा
३) सुदूर मंद राती
४) हा येतो कधी अन जातो कधी
५) तुज़े नाम गोड कीती
६) मन वढाळ वढाळ
७) एका सुरात डमरु बाजे
८) अनिरुद्ध नको रे दूर
९) सुखालागी करीसी तळमळ
१०) सहज सुख तुज़्या नामे

भाग -२
१) बापू बोल, बापू बोल
२) काय वर्णू माज़े जीवन
३) सुखद व्योम ज़ल बरसत आले
४) नभ व्हिवळ नाचतो मी
५) जय जय हे अनिरुद्ध सद्गुरु
६) एक वेळ तू सहजची येरे
७) मन सामर्थ्य देण्य़ा आल
८) बाई मी दळण दळिते
९) मधू स्वप्नांची मधूर कथांची
१०) आली लहर लकेर होऊन
११) जप- ॐ मन:सामर्थ्यदाता

150

Aniruddha Premsagara Nasik - Audio CD & Video DVD

Aniruddha Premsagara Nasik – Audio CD & Video DVD

225

Abhaymudradharinam - Marathi Audio CD

अभयमुद्रा धारिणम – चक्रपाणी अनिरुध्दा, अभयहस्त अनिरुध्दा, वरदहस्त अनिरुध्दा, रामेरामस्य रामाय जय जय जय अनिरुध्दा

100

The Third World War (Hindi)

तीसरा सह्स्त्रक शुरु होते – होते ही अर्थात ११ सितम्बर २००१ से विश्व का हर एक राष्ट्र अपनी अपनी रक्षा एवं भविष्याकालीन राजनीतिक रवैयों का नये से पुनर्विचार करने लगा। विश्व के अधिकतर प्रमुख राष्ट्रों को आतंकवादी चेहेरे की अच्छी खासी पहचान ईससे पूर्व ही हो चुकी थी। अमरिका एवं रशिया ने तो आतंकवादी संगठनों को प्रोत्साहित कर एक दुसरे के खिलाफ़ ऊनका ईस्तेमाल भी किया था।

250

Shreeramrasayan (Hindi)

‘राम्रसायन’ सद्गुरु श्री अनिरुद्ध बापूजी रचित भगवन श्रीराम की जीवणी है मगर यह केवल अनुवाद नहीं है। ‘राम्रसायन’ भगवान श्रीराम की जीवनगाथा जरुर है, परन्तु कुछ हद तक यह घटनाएं हर युग में और सभी मानवों की जिंदगी में घटती हैं। हरएक की भूमिका – चाहे वे श्रीराम के सद्गुण हों या रावण की चरित्रहीनता हो, वे हर समय हमारे जीवन में घटते हैं। इन बातों को ‘प्रेमप्रवास’ (श्रीमाद्पुरुशार्थ ग्रंथराज का दूसरा भाग) में समझाया गया है। पाठक इन बातों को अपने जीवन से जोड़कर इन से निरंतर मार्गदर्शन पाता है। यह केवल अपनी पत्नी सीता को दुष्ट रावण के चुंगल से छुड़ाने की बात नहीं है। हम भक्तों के लिए मानो भगवान की यह लड़ाई भक्ति को प्रारब्ध के चुंगल से छुड़ाकर वहीँ ले जाने के लिए है जहाँ से वह आई है – भगवान के पास। भगवान एक सामान्य इन्सान की तरह जीवन व्यतीत करते हुए, उपलब्ध भौतिक साधनों की सहायता से और कठिन परिश्रम करते हुए पवित्र मार्ग पर चलकर बुराई पर विजय हासिल करते हैं। यह हमारी प्रेरणा के लिए है। यह पवित्र प्रेम, दृढ विश्वास और हनुमानजी के समर्पण के साथ साथ विपरीत परिस्थितियों में होते हुए बिभीषण के अटूट विश्वास के बारे में है। इस की वजह से यह एक ‘रसायन’ है – यह निरंतर पुनरुद्धार एवं वास्तविक शक्ति का जरिया है। एक ओर, यह हमें वानर सैनिक बनने की प्रेरणा देता है, जो भगवान और राजा श्रीराम के भक्त थे, तो दूसरी ओर सद्गुरु श्री अनिरुद्ध बापूजी कहते हैं कि यह रचना दत्तगुरु के चरणों में अर्पण रामगुणसंकीर्तन की पुष्पांजलि है।
और यही तो इस रचना की सुन्दरता है। इस रचना में चित्र विस्तृत और गूढ़ हैं जो हमें उन घटनाओं की गहराई तक ले जाते हैं मानो वे घटनाएँ हमारे समक्ष, हमारी जिंदगी में घट रही हैं।

175

Shreemad Pursharth Granthraj - Satyaprawesh Standard Edition (Hindi)

‘सत्यप्रवेश’ श्रीमाद्पुरुषार्थ ग्रंथराज का पहला खंड है और सदगुरु श्रीअनिरुद्ध बापूजी के जीवनकार्य का अनुकरण करके गृहस्तजीवन बिताते हुए परमार्थ प्राप्ति का, अर्थात नरजन्म का सर्वश्रेष्ठ हेतु साधने का मार्ग निर्देशित करता है । यह मार्ग है सामान्य जीवन में भक्ति एवं निष्काम कर्मयोग का, भक्ति एवं सेवा का सहज समावेश, प्रवेश करानेवाला, भगवंत के प्रेम के अहसास को हमेशा जागृत रखनेवाला । इसकी वजह से धैर्य, निर्भयता और पुरुषार्थ के मूल्यों को जीवन में उतारा जा सकता है । यह ग्रंथ भक्ति, पुरुषार्थ का सही और सच्चा अर्थ समझाकर समाज में प्रचलित गलत धारणाएं, अंध विश्वास और भय से मुक्ति दिलाता है तथा खुशहाल और विवेकपूर्ण गृहस्त एवं सामाजिक जीवन बनाता है । ‘सत्यप्रवेश’ एक ऐसे सुन्दर क्षेत्र का द्वार खोलता है जहां भगवान के प्रेम का निरंतर अहसास ही सर्वोच्च सत्य होता है और फिर प्रत्येक श्रद्धावान का इस सुन्दर क्षेत्र में प्रवेश ही ‘सत्यप्रवेश’ बनता है ।

475

Shreemad Pursharth Granthraj - Satyaprawesh (Gujarati)

‘સત્યપ્રવેશ’ ત્રણ ખંડમાંનો પહેલો ભાગ છે. જે સદગુરુ શ્રી અનિરુદ્ધબાપુના મૂળભૂત સિદ્ધાંતોના માર્ગ ઉપર આપણને લઈ જાય છે. માણસને જીવનમાં ઉંચુ ધ્યેય પ્રાપ્ત કરવા માટેનો સહેલો અને સરળ માર્ગ તદ્દન સાદી ભાષામાં આ ગ્રંથમાં બાપુએ રજૂ કર્યો છે. ભક્તિ અને નિષ્કામ કર્મયોગનો માર્ગ.
ભક્તિ અને નિ:સ્વાર્થ સેવાનો માર્ગ. અને બધાથી પર સામર્થ્ય મેળવવાનો માર્ગ કારણકે આ સામર્થ્ય પરમાત્માના આપણા પ્રત્યેના અકારણ કારુણ્યમાંથી જ જન્મે છે. સમાજમાં ફેલાયેલી અંધશ્રદ્ધા, ભય તેમજ ખોટી માન્યતાઓને જડમૂળમાંથી ઉખાડીને લોકોને સાચી ભક્તિ અને અધ્યાત્મની સમજ આપવી તેમજ પ્રગતિ અને આનંદનો માર્ગ કેટલો સહજ અને સહેલો છે એ સમજાવવાનું કાર્ય આ ગ્રંથ કરે છે.
‘સત્યપ્રવેશ’ એક સુંદર પ્રદેશમાં આપણને પ્રવેશ કરાવવા માટેનો રાજમાર્ગ ખુલ્લો કરે છે. જીવનનું જે મૂળભૂત સત્ય છે કે પરમાત્મા આપણને ખૂબ જ પ્રેમ કરે છે અને હંમેશા આપણી સાથે જ હોય છે એ માટેની જાગૃતતા આપણામાં લાવવાનુ કાર્ય કરે છે. ‘સત્યપ્રવેશ’ એટલે એક સુંદર જીવનમાં પ્રવેશવાનો રાજમાર્ગ છે જે દરેક શ્રદ્ધાવાન માટે બાપુએ ખૂલ્લો કર્યો છે.

475

Shreemad Pursharth Granthraj - Prempravas Standard Edition (Hindi)

प्रत्येक जीव की, बल्कि इस समूचे विश्व की यात्रा…………यह विश्व जिस से निर्माण हुआ, जिस ही में इसका लय होता है, ‘वही’ एकमात्र अंतिम सत्य, प्रेम का मूल स्रोत है, और आनंद का भी । मानवजीवन का सर्वोच्च हेतु भी वो ही – भगवंत है । इस भगवंत की दिशा में गति करना यह यात्रा है और भगवंत – सदगुरु-परमात्मा अपना ध्येय । अपनी यह यात्रा भगवंत के ही प्रेम से प्रेरित होने से वह आनंदमय और परिपूर्ण होती है । यह प्रेम ही सामर्थ्यदाई, पुरुषार्थ और निर्भयता देता है । भगवंत के प्रेम का अहसास यात्रा को भक्तिमार्ग पर दृढ करता है । ‘प्रेमप्रवास’ ग्रंथ एक ऐसे ही सुन्दर यात्रा का आश्वासन है क्योंकि प्रत्येक की यात्रा भगवंत की (प्रेम) दिशा में और भगवंत के (प्रेम) सहवास में ही करनी होती है । यह यात्रा प्रत्येक के जीवन में कैसे घट सकती है और उसके लिए कौनसे प्रयास घटने होते हैं यह सदगुरु श्रीअनिरुद्ध बापूजी सहज-सरल शब्दों में हमें समझाते हैं । ‘पूर्वरंग’ में यह भगवंत कैसा अनंत, अपार है यह हम समझ लेते हैं। ‘श्रीरंग’ में इस अनंत भगवंत का बिलकुल हर जीव पर असीम प्रेम होता ही है, ताकि हम उसके पास जाएँ। भक्ति बढ़ने के लिए कौनसे प्रयास करने चाहिएं इस बात को हम जान लेते हैं – अपना विकास होने के लिए आहार में बदलाव करने से लेकर जीवन में समय के, कार्य के नियोजन के बारे में भी मार्गदर्शन किया गया है । ‘मधुफलवाटिका’ यह तीसरा विभाग वानरवीरों का विश्रम्स्थान है जहाँ के फल ओज, सामर्थ्य तथा निश्चितरूप से आनंद प्रदान करते हैं । अर्थात, सदगुरु श्रीअनिरुद्धबापू जिस श्रीमद्पुरुषार्थ को जीस ‘मधु’ की मिसाल देते हैं वैसी ही औषधि एवं मधुरता से परिपूर्ण है ।

560

Rashtriya Swayamsevak Sangh - Vishwanu Adwitiya Sangathan (Gujarati)

૧૯૨૫ની સાલના દશેરાના શુભદિને રાષ્ટ્રીય સ્વયંસેવક સંઘ ની સ્થાપના થઈ. ડૉ. કેશવ બળીરામ હેડગેવારજીએ નેવું વર્ષ પૂર્વે જેનું બીજારોપણ કરેલું એ વટવૃક્ષની આજે કેટકેટલી શાખાઓ વિસ્તરી છે, એના જે વિધવિધ પર્ણો પલ્લવિત થયાં છે એની ગણતરી કરવી કઠિન છે. પરંતુ આજે ભારતીય જનમાનસમાં આ સંગઠનના મૂળ ઊંડે સુધી વિસ્તરેલાં છે અને એ પણ સમર્થ અને સશક્તપણે અને આજે આ સંગઠન વટવૃક્ષની ગતિ અને શૈલી પ્રમાણે વિકાસ કરી રહ્યું છે. આ સંગઠનનો પ્રસાર માત્ર ભારત પૂરતો જ મર્યાદિત નથી રહ્યો પણ પરદેશમાં સુધ્ધાં જે જે સ્થળે ભારતીય વસેલ છે ત્યાં ત્યાં એની છાયા વિસ્તરી છે. સંઘની વિદેશમાંની શાખાઓ વિદેશવાસી ભારતીયોને પોતાની માતૃભૂમિ સાથે, મૂળભૂત સંસ્કૃતિ સાથે મજબૂત રીતે સાંકળી રાખનારી એક કડીરુપ છે. રાષ્ટ્રીય સ્વયંસેવક સંઘ એક સંસ્થા માત્ર નથી, એ સ્વદેશ સાથે સંયોજન કરનારી જીવનદોર છે! પરંપરા છે!

275

Bharateey Prachin Balavidya (Marathi)

गेली अनेक वर्षे ’भारतीय प्राचीन बलविद्ये’ चे संशोधक- मार्गदर्शक व तज्ञ प्रशिक्षक म्हणून डॉ. अनिरूध्द धैर्यधर जोशी (अनिरूध्द बापू) (एम.डी.- मेडिसिन) कार्य करित आहेत. एक यशस्वी र्‍ह्युमॅटोलॉजिस्ट असलेल्या डॉ. अनिरूध्दांनी आपल्या अनेक वर्षांच्या व्यासंगाने संपादित केलेले भारतीय प्राचीन बलविद्येचे प्रकार त्यांनी आता सर्वांकरिता खुले केले आहेत. ’भारतीय प्राचीन बलविद्या’ हा विषय त्याच्या नावावरुन गूढ वटतो, ज्याचे कुतूहल व आकर्षण शतकानुशतके विदेशी लोकांनाही वाटत आले आहे. जोपर्यंत ही भारतीय प्राचीन बलविद्या आपल्या देशात आदर केला जात होता तोपर्यंत भारतदेशही वैभवाच्या शिखरावर होता. ह्या देशातील तरुणांना ह्या प्राचीन बलविद्येचे प्रशिक्षण जात्याच मिळत असल्यामुळे देशाकडे वाकड्या नजरेने बघण्याची कोण्त्याही शत्रुदेशाची हिंमत नव्ह्ती. पुढे कालौघात ह्या बलविद्यांचे आमच्या देशातील महत्व कमी कमी होऊन त्या हळूहळू लोप पावल्या अ त्यानंतर भारतदेश विदेशी आक्रमकांच्या तावडीत गेला. आज त्याच लोप पावलेल्या भारतीय प्राचीन बलविद्येचे प्रथम आचार्य रविंद्रसिंह मांजरेकर ह्यांना बापूंनी ही सर्व भारतीय प्राचीन बलविद्या स्वत: शिकवली. आता डॉ. अनिरूध्दांच्या मार्गदर्शनाखाली व आचार्य रविंद्रसिंहांच्या प्रत्यक्ष देखरेखीखाली ह्या भारतीय प्राचीन बलविद्याचे प्रशिक्षणवर्ग चालवले जातात. डॉ. अनिरूध्दांनी आचार्य रविंद्रसिंहांना दिलेल्या प्रशिक्षणवरुन व ह्या प्रशिक्षणवर्गात शिकवल्या जाणार्‍या बलविद्येच्या प्रकारांवरुन हे पुस्तक (टेक्स्टबुक) संकलित करण्यात आलेले आहे.

300

Sadguru Upasana - Telugu Audio CD

1. Jap – Om Dram Dattatreyay Namah
2. Jap – Om Manasamarthyadata Shree Aniruddhay Namah
3. Dhyanmantra
4. Kleshnivaraka Shree Aniruddha Kavach
5. Shree Ramaraksha
6. Shree Hanuman Chalisa
7. Ghorkashotodharan Stotra
8. Aarti

30

Sadguru Upasana - Gujarati Audio CD

1. Jap – Om Dram Dattatreyay Namah
2. Jap – Om Manasamarthyadata Shree Aniruddhay Namah
3. Dhyanmantra
4. Kleshnivaraka Shree Aniruddha Kavach
5. Shree Ramaraksha
6. Shree Hanuman Chalisa
7. Ghorkashotodharan Stotra
8. Aarti

30

Sadguru Upasana - Bengali Audio CD

1. Jap – Om Dram Dattatreyay Namah
2. Jap – Om Manasamarthyadata Shree Aniruddhay Namah
3. Dhyanmantra
4. Kleshnivaraka Shree Aniruddha Kavach
5. Shree Ramaraksha
6. Shree Hanuman Chalisa
7. Ghorkashotodharan Stotra
8. Aarti

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