Shreemad Pursharth Granthraj – Satyaprawesh Standard Edition (Hindi)

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‘सत्यप्रवेश’ श्रीमाद्पुरुषार्थ ग्रंथराज का पहला खंड है और सदगुरु श्रीअनिरुद्ध बापूजी के जीवनकार्य का अनुकरण करके गृहस्तजीवन बिताते हुए परमार्थ प्राप्ति का, अर्थात नरजन्म का सर्वश्रेष्ठ हेतु साधने का मार्ग निर्देशित करता है । यह मार्ग है सामान्य जीवन में भक्ति एवं निष्काम कर्मयोग का, भक्ति एवं सेवा का सहज समावेश, प्रवेश करानेवाला, भगवंत के प्रेम के अहसास को हमेशा जागृत रखनेवाला । इसकी वजह से धैर्य, निर्भयता और पुरुषार्थ के मूल्यों को जीवन में उतारा जा सकता है । यह ग्रंथ भक्ति, पुरुषार्थ का सही और सच्चा अर्थ समझाकर समाज में प्रचलित गलत धारणाएं, अंध विश्वास और भय से मुक्ति दिलाता है तथा खुशहाल और विवेकपूर्ण गृहस्त एवं सामाजिक जीवन बनाता है । ‘सत्यप्रवेश’ एक ऐसे सुन्दर क्षेत्र का द्वार खोलता है जहां भगवान के प्रेम का निरंतर अहसास ही सर्वोच्च सत्य होता है और फिर प्रत्येक श्रद्धावान का इस सुन्दर क्षेत्र में प्रवेश ही ‘सत्यप्रवेश’ बनता है ।

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